चौराहा
Sunday, March 13, 2011
मौत की गुज़ारिश!
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सुप्रीम कोर्ट ने आंशिक तौर पर इच्छामृत्यु का कानूनी अधिकार दे दिया है...फिर भी, नैतिकतावादियों का मानना है कि जीवन जैसा भी हो, जिस भी परिस्...
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Friday, March 11, 2011
अहा! प्रेम...
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प्रेम में बिताए गए समय और उस याद से रची-बसी कविताओं को भास्कर समूह की उल्लेखनीय पत्रिका अहा ज़िंदगी में सेंटर स्प्रेड में, दो पन्नों का विस्...
Sunday, February 27, 2011
ट्विंकल है उदास...चले गए अंकल पै
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स्मृति-शेष किस्से-कहानियां सुनाने वाली दादी अब साथ नहीं रहती...घर छोटे हैं...बिल्डिंगें बड़ी हैं...दादी का जी शहर में नहीं लगता...वैसे भी,...
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Saturday, February 19, 2011
फिर सुनें स्त्री-मन और जीवन की कहानियां
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चर्चा में किताब कथा में नई दृष्टि और भाषा गढ़ती हैं रीता सिन्हा चूल्हे पर रखी पतीली में धीरे-धीरे गर्म होता और फिर उफनकर गिर जाता दूध द...
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Tuesday, February 15, 2011
बिना पते और स्टैंप के एक चिट्ठी
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गुज़रा हुआ प्रेम बिसार पाना मुश्किल होता है, तक़रीबन नामुमकिन। कोई जगह, कोई लमहा सबकुछ लेकर आ जाता है सामने। यादों की ऐसी ही एक पोटली…एक चिट...
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Sunday, February 13, 2011
एक प्रेमी के नोट्स
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प्यार ना प्यास है, ना पानी। ना फानी है, ना रूहानी। मिठास है, तो कड़वाहट भी। बेचैनी है तो राहत भी। पहला प्यार अक्सर भोला होता है। भ...
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Monday, January 31, 2011
घर...
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आ से आशियाना अब हर इंसान का पूरी दुनिया में कहीं ना कहीं घर तो होता ही है। छोटा-मोटा या फिर आलीशान, फिर हर शहर में, जहां वो रह र...
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Monday, January 10, 2011
सियासत और सेक्स की कॉकटेल-कथा ...कुछ और किस्से
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मोहब्बत के बदले मौत... यौन शोषण की तोहमतों के घेरे में आए तीन विधायकों की `प्रेम? कथा’ आपने पढ़ी, अब बारी है, एक ऐसी ही लव स्टोरी की, जिस...
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